मां-बाप या दादा-दादी को वीडियो कॉल करना सिखाना कभी-कभी इम्तिहान जैसा लगता है — लेकिन समस्या उनकी समझ में नहीं, हमारे सिखाने के तरीके में होती है। बुजुर्गों के लिए टेक्नोलॉजी डरावनी इसलिए लगती है क्योंकि उन्हें गलती करने का डर होता है। थोड़ा धैर्य और सही तरीका अपनाएं, तो वही लोग हफ्तों में व्हाट्सऐप, यूट्यूब और ऑनलाइन पेमेंट तक सीख जाते हैं।

1. एक बार में एक ही चीज़ सिखाएं

सबसे बड़ी गलती है एक बैठक में दस ऐप्स दिखा देना। पहले सिर्फ कॉल उठाना और लगाना सिखाएं। जब ये पक्का हो जाए, तब व्हाट्सऐप मैसेज, फिर फोटो भेजना। हर नई चीज़ को छोटे-छोटे स्टेप्स में तोड़ें और हर स्टेप पर खुद करके दिखाएं, फिर उनसे करवाएं। जल्दबाज़ी न करें — दोहराव ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।

2. उनकी भाषा में, उनके उदाहरणों से समझाएं

"ऐप" और "ब्राउज़र" जैसे शब्दों से परहेज़ करें। कहें: "ये हरी बटन वाला फोन है, जैसे पुराना टेलीफोन।" व्हाट्सऐप को "चिट्ठी वाला डिब्बा" कहकर समझाना ज़्यादा असर करता है। फोन की भाषा हिंदी में सेट कर दें, फॉन्ट साइज़ बड़ा करें और ज़रूरी ऐप्स होम स्क्रीन पर रख दें — बाकी सब हटा दें ताकि भ्रम न हो।

3. लिखित नोट्स बनाकर दें

सिखाने के बाद कागज़ पर स्टेप-बाय-स्टेप नोट्स लिखकर दें — जैसे "1. हरी बटन दबाएं, 2. नाम चुनें, 3. वीडियो वाले निशान पर टैप करें।" बुजुर्ग इन्हें बार-बार देखकर खुद प्रैक्टिस करते हैं और आपका बार-बार पूछने का संकोच भी खत्म होता है। स्क्रीनशॉट लेकर उस पर नंबर लिखना तो और भी बेहतर तरीका है।

4. ऑनलाइन ठगी से बचाना सबसे ज़रूरी

टेक्नोलॉजी सिखाने के साथ सुरक्षा सिखाना अनिवार्य है। साफ़ शब्दों में समझाएं: बैंक या पुलिस कभी OTP नहीं मांगती, अनजान लिंक पर क्लिक न करें, और कोई भी पैसे मांगे तो पहले आपको बताएं। फोन में अनजान ऐप इंस्टॉल करने की अनुमति बंद कर दें और उनका बैंक ऐप खुद सेट करके दें। ये एक पाठ उनकी जमा-पूंजी बचा सकता है।

अंत में याद रखें: आप उन्हें सिर्फ फोन नहीं सिखा रहे, अपनों से जुड़े रहने का ज़रिया दे रहे हैं। जब दादी खुद पोते को वीडियो कॉल करेंगी, तो उनकी आंखों की चमक आपकी सारी मेहनत का इनाम होगी। धैर्य रखें, मुस्कुराते रहें — और सिखाते रहें।