एक टपकता नल रोज़ 100 लीटर तक पानी बर्बाद कर सकता है — और आपका बिल भी बढ़ाता है। अच्छी खबर यह है कि छोटी-छोटी आदतें बदलकर एक परिवार महीने में हज़ारों लीटर पानी बचा सकता है। ये 12 तरीके न तो महंगे हैं, न मुश्किल — बस थोड़ी समझदारी चाहिए।
सबसे पहले लीक पकड़िए
पानी की सबसे बड़ी बर्बादी नज़र नहीं आती। सारे नल बंद करके पानी के मीटर को देखिए — अगर वह घूम रहा है, तो कहीं लीक है। टपकते नल का वॉशर कुछ रुपयों में बदल जाता है, और टॉयलेट की टंकी में फूड कलर डालकर देखिए: बिना फ्लश किए रंग कटोरे में आए तो लीक है। लीक ठीक करना सबसे सस्ता पानी-बचत उपाय है।
बाथरूम की आदतें बदलिए
नहाने में सबसे ज़्यादा पानी खर्च होता है। टब की जगह 5 मिनट का शावर लीजिए — इससे आधा पानी बचता है। ब्रश करते या शेव करते समय नल बंद रखिए; इससे रोज़ 20–30 लीटर बचता है। पुराने शावरहेड की जगह वॉटर-सेवर शावरहेड लगाइए — दबाव वही रहता है, पानी आधा खर्च होता है।
रसोई में समझदारी बरतिए
बर्तन धोते समय नल लगातार न चलाएं — एक टब में झाग वाला पानी और दूसरे में साफ़ पानी रखकर धोइए। सब्ज़ी-फल धोने का पानी फेंकने के बजाय पौधों में डालिए। RO का बेकार पानी बाल्टी में इकट्ठा करके पोछे या पौधों में इस्तेमाल कीजिए — यह रोज़ 15–20 लीटर होता है।
कपड़े और बर्तन मशीन में सही तरीके से धोएं
वॉशिंग मशीन तभी चलाइए जब पूरे कपड़े हों — आधी भरी मशीन उतना ही पानी खर्च करती है जितनी पूरी। इको-मोड इस्तेमाल कीजिए और ज़्यादा गंदे कपड़ों को पहले भिगो लीजिए। डिशवॉशर है तो उसे भी पूरा भरकर चलाइए; हाथ से धोने में अक्सर ज़्यादा पानी खर्च होता है।
बगीचे और बाहर का पानी संभालिए
पौधों को सुबह जल्दी या शाम को पानी दीजिए — धूप में आधा पानी भाप बनकर उड़ जाता है। पाइप की जगह बाल्टी या ड्रिप सिस्टम इस्तेमाल कीजिए। बारिश के मौसम में छत का पानी ड्रम में इकट्ठा कीजिए — यह मुफ़्त पानी बगीचे और सफ़ाई के काम आता है। गाड़ी धोने में पाइप की जगह बाल्टी इस्तेमाल करने से सैकड़ों लीटर बचते हैं।