फिशिंग: सबसे आम जाल

फिशिंग ईमेल बैंक, कंपनी या सरकार बनकर आते हैं और लिंक पर क्लिक करवाते हैं। पहचानें: जल्दबाज़ी वाला टोन ("24 घंटे में अकाउंट बंद!"), अजीब स्पेलिंग, और मिसमैच ईमेल एड्रेस। असली बैंक कभी ईमेल में पासवर्ड या OTP नहीं मांगता — ये एक नियम याद रखें।

लिंक और अटैचमेंट की जांच

किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले माउस होवर करके असली URL देखें — दिखने वाला टेक्स्ट और असली लिंक अलग हो सकते हैं। अनजान अटैचमेंट कभी न खोलें, चाहे वो इनवॉइस या रिज़्यूमे ही क्यों न लगे। शक हो तो सेंडर को अलग से कॉल करके कन्फर्म करें।

मजबूत पासवर्ड और 2FA

हर अकाउंट पर अलग, लंबा पासवर्ड रखें — पासवर्ड मैनेजर इस्तेमाल करें। ईमेल पर टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) जरूर ऑन करें; ये हैकिंग के 99% हमले रोक देता है। SMS-कोड से बेहतर ऑथेंटिकेटर ऐप है — SIM-स्वैप स्कैम से बचाता है।

स्कैम के नए रूप 2026 में

अब AI-वॉइस क्लोनिंग से "रिश्तेदार" की आवाज़ में पैसे मांगे जाते हैं — फोन पर ही वेरिफाई करें, मैसेज पर नहीं। फेक जॉब ऑफर में पहले पैसे या "रजिस्ट्रेशन फीस" मांगी जाती है — असली नौकरी कभी पैसे नहीं मांगती। लॉटरी या गिफ्ट जीतने वाले ईमेल 100% स्कैम हैं।

हैक हो जाएं तो क्या करें

अगर ईमेल हैक हो जाए: तुरंत पासवर्ड बदलें, सभी डिवाइस से लॉगआउट करें, और रिकवरी ईमेल/फोन चेक करें। बैंक और सोशल अकाउंट के पासवर्ड भी बदलें। साइबर क्राइम पोर्टल पर रिपोर्ट करें — पैसे वापस मिलने की संभावना बढ़ती है।

रोज़ की 5 मिनट की आदत

स्पैम फोल्डर हफ्ते में एक बार चेक करें (असली मेल भी फंस जाता है), पुराने अकाउंट डिलीट करें, और सॉफ्टवेयर अपडेट तुरंत लगाएं। परिवार के बुजुर्गों को ये टिप्स सिखाएं — स्कैमर सबसे ज्यादा उन्हीं को निशाना बनाते हैं।

ईमेल सिक्योरिटी कोई टेक्निकल जादू नहीं — सावधानी और 2 मिनट की जांच है। आज ही 2FA ऑन करें; ये सबसे बड़ा सुरक्षा कदम है।